पेशेवर कोचिंग सिद्धांतों पर आधारित।
हर बातचीत मनोविज्ञान, निर्णय विज्ञान और कोचिंग पर आधारित है, ताकि आप बेहतर फ़ैसले ले सकें और स्थायी बदलाव ला सकें।
Rumi Coach आपकी जगह सोचने के लिए नहीं बनी। वह इसलिए बनी है कि आप और साफ़ सोच सकें।
हर सत्र के पीछे छह विषय।
व्यवहार मनोविज्ञान
आदतें, संकेत और इनाम असल में आपके काम कैसे चलाते हैं, ताकि बदलाव इच्छाशक्ति से नहीं, व्यवहार की असल कार्यप्रणाली से शुरू हो।
व्यवहार परिवर्तन विज्ञान
नई आदतें टिकाने की आज़माई हुई प्रक्रिया: छोटे कदम, साफ़ योजनाएँ, ट्रैकिंग और गति।
कोचिंग मनोविज्ञान
वे संरचित सवाल और लक्ष्य-ढाँचे जिनसे अच्छे कोच आपको समझ से कार्रवाई तक ले जाते हैं।
भावनात्मक बुद्धिमत्ता
जो महसूस होता है उसे नाम देना और समझना, ताकि भावनाएँ निर्णयों को दिशा दें, उन पर हावी न हों।
निर्णय विज्ञान
लोग असल में निर्णय कैसे लेते हैं (पूर्वाग्रह, समझौते और फ़्रेमिंग), ताकि आप साफ़ दिमाग़ से चुनें।
तंत्रिका विज्ञान
ध्यान और स्मृति कैसे काम करते हैं, ताकि सत्र केंद्रित और समझने में आसान बने रहें।
आपके सत्र में विज्ञान ऐसे दिखता है।
आपको सचमुच सुना जाता है
Rumi Coach सक्रिय श्रवण की तकनीकों से सुनती है और वैसे सवाल पूछती है जैसे एक प्रशिक्षित कोच पूछता: खुले, जिज्ञासु और बिना किसी आँकलन के।
आपके शब्द संरचना बन जाते हैं
आप जो कहते हैं वह साफ़ उपकरणों में सजता है (प्राथमिकताएँ, आइज़नहावर मैट्रिक्स, जीवन-चक्र), ताकि आप अपनी ही सोच देख सकें।
समझ कार्रवाई बन जाती है
हर सत्र छोटे, करने लायक कदमों और आदत ट्रैकिंग के साथ खत्म होता है, क्योंकि स्थायी बदलाव संकल्पों से नहीं, निरंतरता से बनता है।
क्या कोचिंग सच में काम करती है?
हाँ, और सिर्फ़ हमारे कहने से नहीं। The Journal of Positive Psychology के एक मेटा-विश्लेषण में पाया गया कि कोचिंग का प्रदर्शन, भलाई, सामना करने की क्षमता और लक्ष्य-केंद्रित आत्म-नियमन पर उल्लेखनीय सकारात्मक असर होता है। 17 अध्ययनों के दूसरे मेटा-विश्लेषण ने सीखने और प्रदर्शन पर सकारात्मक असर की पुष्टि की।
स्रोत: Theeboom, Beersma & van Vianen (2014), The Journal of Positive Psychology · Jones, Woods & Guillaume (2016), Journal of Occupational and Organizational Psychology · ICF Global Coaching Study (2025)
कोच है, थेरेपिस्ट नहीं।
Rumi Coach आत्म-चिंतन और स्पष्टता के लिए एक व्यक्तिगत विकास सेवा है, न कि पेशेवर थेरेपी का विकल्प। सत्र पेशेवर कोचिंग सिद्धांतों और निर्णय विज्ञान पर आधारित हैं, ताकि आप अधिक स्पष्ट रूप से सोच सकें और चिंतन से कार्रवाई की ओर बढ़ सकें।
